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कुंडेश्वर ट्रस्ट में 20% कमीशन के आरोप से बवाल

क्रय समिति सदस्य का अध्यक्ष पर गंभीर आरोप, चेक पर होल्ड लगाने का दावा, जांच और भुगतान की पारदर्शिता पर उठे सवाल
टीकमगढ़ । आशुतोष अपर्णा धर्म सेतु लोक न्यास ट्रस्ट, कुंडेश्वर धाम में श्रावण मास की खरीद और भुगतान प्रक्रिया को लेकर विवाद गहरा गया है। ट्रस्ट के कार्यकारिणी सदस्य अखिलेश दीक्षित ने अध्यक्ष अभिषेक पस्तोर पर खरीदी गई सामग्री के भुगतान के एवज में 20 प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप लगाया है। सदस्य का दावा है कि कमीशन देने से इनकार करने पर संबंधित भुगतान के चेक पर बैंक में होल्ड लगवा दिया गया।
मामला सोशल मीडिया तक पहुंचने के बाद ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। अध्यक्ष अभिषेक पस्तोर का पक्ष इस खबर के प्रकाशन तक सामने नहीं आया है।
पांच सदस्यों की बनी थी क्रय समिति
श्रावण मास में अभिषेक-पूजन और महाप्रसाद के लिए सामग्री खरीदने के उद्देश्य से प्रबंध समिति एवं अध्यक्ष द्वारा क्रय समिति गठित की गई थी। इसमें अखिलेश दीक्षित, राजेंद्र नायक, अरुण दीक्षित, राम शंकर नायक और बलवंत यादव शामिल थे। समिति ने टीकमगढ़ शहर के विभिन्न दुकानदारों से सामग्री खरीदी और भुगतान के लिए पत्रावली एवं चेक की प्रक्रिया आगे बढ़ाई।
एक लाख से अधिक का भुगतान अटकने का दावा
अखिलेश दीक्षित के आरोप के अनुसार, चेक जारी करते समय उनसे 20 प्रतिशत कमीशन की मांग की गई। कमीशन देने से इनकार करने पर भुगतान रोक दिया गया। उन्होंने साहू सेल्स की एक लाख रुपये से अधिक की राशि का भुगतान भी इसी विवाद के चलते अटकने का दावा किया है।
इन आरोपों की वास्तविकता सामने लाने के लिए खरीद पत्रावली, बिल, चेक, बैंक रिकॉर्ड और क्रय समिति के निर्णयों की जांच महत्वपूर्ण होगी।
सोशल मीडिया पर मामला, प्रशासन की भूमिका भी संदेहास्पद
विवाद के सार्वजनिक होने के बाद ट्रस्ट की खरीद व्यवस्था और भुगतान प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। ट्रस्ट सदस्यों का कहना है कि यदि आरोप गलत हैं तो संबंधित पदाधिकारी दस्तावेजों के साथ स्थिति स्पष्ट करें और यदि आरोपों में तथ्य हैं तो कार्यवाही की जाए।
वहीं, अध्यक्ष-सचिव की कार्यप्रणाली को लेकर पूर्व में भी शिकायतें सामने आती रही है , परंतु जिला प्रशासन के अधिकारियों से गहरे संबंधों के चलते कार्यवाही होना तो दूर , एक नोटिस तक जारी नहीं किया गया ।
जांच से ही साफ होगी हकीकत
कुंडेश्वर जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल के ट्रस्ट में खरीद, भुगतान और प्रशासनिक निर्णयों को लेकर विवाद मंदिर की प्रतिष्ठा से भी जुड़ा मामला है। 20 प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप सही है या नहीं, चेक पर होल्ड क्यों लगाया गया और दुकानदारों के भुगतान में देरी की वास्तविक वजह क्या है?
जिला प्रशासन को चाहिए कि आरोपों पर बयानबाजी के बजाय क्रय समिति के रिकॉर्ड, भुगतान पत्रावली, बैंक दस्तावेज और ट्रस्ट के नियमों की निष्पक्ष जांच कराए। जांच में तथ्य सामने आने के बाद ही जिम्मेदारी तय हो सकेगी।
कुंडेश्वर की व्यवस्था किसी व्यक्ति विशेष के आरोप-प्रत्यारोप से नहीं, बल्कि ट्रस्ट के नियम, पारदर्शिता और जवाबदेही से चलनी चाहिए।

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